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वाराणसी : ‘शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में अंतरविभागीय समन्वय एवं भूमिका’ पर कार्यशाला सम्पन्न

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वाराणसी। आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए सरकारी विभागों का आपसी सामंजस्य बहुत ही जरूरी हैं। सभी के संयुक्त प्रयासों से ही लोगों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं का और बेहतर लाभ मिल सकता है। ‘शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में अंतरविभागीय समन्वय एवं भूमिका’ पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मण्डलीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डा. शशिकांत उपाध्याय ने उक्त विचार व्यक्त किया।

स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के तत्वाधान में व पीएसआई – इण्डिया (टीसीआई कार्यक्रम ) के सहयोग से कैंटोमेंट स्थित होटल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अपर निदेशक डा. शशिकांत उपाध्याय ने उक्त विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करेंगे तभी इसके और बेहतर परिणाम सामने आयेंगे। कार्यशाला के प्ररम्भ में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (नोडल अधिकारी-आरसीएच) डा. एके मौर्य कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डॉ मौर्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी जनसमुदाय को विभिन्न विभागों के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इनमें मातृ एवं बाल स्वास्थ्य के साथ ही परिवार नियोजन की सेवाएं भी शामिल हैं। जिसमें विभिन्न विभागों का सहयोग सराहनीय है। बावजूद इसके इन सेवाओं को और बेहतर कैसे बनाया जाय। अन्य विभागों की इसमें क्या और भूमिका हो सकती है, इस पर परिचर्चा जरूरी है ताकि इसमे सुधार करते हुए इसे और बेहतर अंजाम दिया जा सके। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अलावा, नगर निगम, आईसीडीएस, डूडा, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खुल कर अपने विचार रखे।

कार्यशाला में शहरी क्षेत्र में चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चर्चा हुई और बताया गया कि शहरी क्षेत्र के 24 पीएचसी में सिर्फ दो के पास अपना भवन है जबकि शेष किराये के भवन में चल रहे है। नगर आयुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर कार्यशाला में मौजूद नगर निगम के जोनल अधिकारी पीके द्विवेदी ने जानकारी देते हुए कहा कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के पास अपना भवन हो इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने ऐसे स्थानों को चिन्हित कर लिया है जहां पीएचसी के लिए भवन बनाये जा सकते है। इस दिशा में शासन स्तर से कुछ निर्णय लिये जाने है, जिसके बाद सभी शहरी पीएचसी के पास अपना भवन होने का रास्ता साफ हो जायेगा।

कार्यशाला में वार्ड स्तर पर महिला आरोग्य समितियों के गठन पर भी जोर दिया गया। ताकि स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं की जानकारी कर उनका समाधान किया जा सके। कार्यशाला का संचालन पीएसआई -इण्डिया के लखनऊ से आये सीनियर लीड अमित कुमार व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एनके सिंह ने संयुक्त रूप से किया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) संतोष सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यशाला में जिला महिला चिकित्सालय के एसआईसी डॉ एके श्रीवास्तव, वीओजीएस की डॉ लवीना, आईसीडीएस के डीपीओ डीके सिंह, डूडा की पीओ डॉ जया सिंह, जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक आशीष सिंह ने भी विचार व्यक्त किया। कार्यशाला में डीएचईआईओ हरिवंश यादव, पीएसआई-इण्डिया की सिटी लीड कृति पाठक व सहयोगी अखिलेश, यूनीसेफ के डीएमसी डॉ शाहिद, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ  जयशीलन, डॉ सतरूपा समेत अन्य लोग शामिल थे।

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