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वाराणसी : कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए लेंगे संकल्प, करेंगे जागरूक, रविवार से शुरू होगा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान

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वाराणसी। महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि यानि 30 जनवरी को एंटी लेप्रोसी डे के रूप में मनाया जाता है। जनपद में इसी दिवस से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है, जो 14 फरवरी तक चलेगा। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़ा के दौरान स्वास्थ्य टीम जनपदवासियों को कुष्ठ रोग के बारे में जागरूक करेगी।

जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ राहुल सिंह ने बताया कि 30 जनवरी को कुष्ठ रोग दिवस मानते हुये जनपदवासी कुष्ठ रोग से मुक्त के लिए संकल्प लेंगे। इसके साथ ही स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग लक्षणयुक्त मरीजों को खोजकर व पुष्टि कराकर जल्द से जल्द मरीज को दवा खिलाने की शुरुआत कर देना है जिससे मरीज को विकलांगता से बचाया जा सके। जनपद में वर्ष 2017 से ही स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से विगत पाँच वर्षों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। पिछले साल कोरोना काल में भी इस अभियान को ग्रामीण स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली। यदि हर साल इस अभियान को इसी प्रकार की प्रतिक्रिया मिलती रहे तो यह कुष्ठ मुक्त भारत के सफर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ राहुल सिंह ने बताया कि इस बार अभियान के लिए ग्रामीण व शहर के लिए कुल 42 टीमें बनाई गईं हैं। प्रत्येक टीम में एक आशा कार्यकर्ता तथा एक पुरुष सहयोगी है। यह टीमें घर-घर भ्रमण कर कुष्ठ रोग के मरीजों को खोजेंगी। कुष्ठ रोग लक्षण दिखने व उसकी पुष्टि होने के बाद मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (एमडीटी) दवा चलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में 79 कुष्ठ रोगियों का उपचार चल रहा है।

क्या है कुष्ट रोग

डॉ राहुल सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग एक दीर्घ कालीन संक्रामक रोग है। जो माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री नमक जीवाणु से फैलता है। इसको हेनसन रोग के नाम से भी जाना जाता है जो मुख्यतः हाथों, पैरों की परिधीय तंत्रिका, त्वचा, नाक की म्यूकोसा और श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान जल्द से जल्द न हो तथा उसका समय से उपचार न हो तो यह स्थायी विकलांगता पैदा कर सकता है।

कुष्ठ रोग के लक्षण

– गहरी रंग की त्वचा के व्यक्ति हल्के रंग के धब्बे और हल्के संग के व्यक्ति की त्वचा में गहरे अथवा लाल रंग के धब्बे ।
– त्वचा के दाग धब्बों में संवेदनहीनता (सुन्नपन)
– हाथ या पैरों में अस्थिरता या झुनझुनी
– हाथ, पैरों या पलकों में कमजोरी
– नसो में दर्द
– चेहरे, कान में सूजन या घाव
– हाथ या पैरों में दर्द रहित घाव

डॉ राहुल सिंह ने बताया कि ऐसे लक्षणयुक्त व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराकर तुरंत मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (एमडीटी) दवा शुरू करा देनी चाहिए।

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