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वाराणसी : ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान’ एक अक्टूबर से, डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक

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वाराणसी। संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान’ एक अक्टूबर से शुरू होगा । जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में पूरे माह चलने वाले इस अभियान के तैयारियों की समीक्षा की । साथ ही निर्देश दिया कि अभियान में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए । जिला स्वास्थ्य समिति की इस बैठक में जिलाधिकारी ने अन्य कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये।

उन्होंने मुख्यमंत्री की गोद ली गयी सीएचसी हाथी में जल्द से जल्द रैम्प बनवाने, जन्म-मृत्यु से सम्बन्धित प्रयेक मामले को 21 दिन के अंदर सीआरएस पोर्टल पर दर्ज करने। नवीन चिन्हित चार एफआरयू अस्पतालों में मानव संसाधनों एवं अन्य आवश्यक्ताओं को पूर्ण करते हुए उन्हें पूरी क्षमता के साथ चलाने का निर्देश दिया। बैठक में शहरी क्षेत्र के लिए चयनित 108 आशा कार्यकर्ताओं के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गयी।

कैम्प कार्यालय में देर शाम आयोजित बैठक के प्रारम्भ में जिलाधिकारी ने एक अक्टूबर से शुरु हो रहे ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के लिए की गयी तैयारियों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्यालय व भवनों में यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि वहां कहीं भी गंदा पानी एकत्र न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में गंदे पानी का जमाव पाया गया तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान के जरिए संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया आदि से सम्बन्धित शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन का संदेश प्रत्येक घर परिवार तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। लिहाजा आमजन को यह बताने का प्रयास करें कि संचारी रोगों के होने पर क्या करें और क्या न करें। इससे बचाव के लिए किस तरह की सावधानियां बरतें और किसी तरह से तत्काल उपचार करायें।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर संचारी रोगों से बचाव, रोकथाम एवं उपचार के लिए संवेदीकृत किया जाय। साथ ही लोगों को साफ पानी पीने की सलाह दी जाए। खुले में शौच से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को समझाया जाए। निर्देश दिया कि जागरुकता एवं बचाव के कार्यक्रमों के आयोजन के साथ ही ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां मच्छर जनित रोगों के होने की संभावना है। साथ ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर संचारी रोगों से बचाव तथा उपचार के बारे में लोगो को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग/ ग्रामीण विकास विभाग, पशु पालन विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन संशक्तिकरण विभाग, कृर्षि एवं सिंचाई विभाग, उद्यान विभाग समेत शामिल अन्य विभाग सामजस्य बनाकर अभियान को सफल बनाए।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री की गोद ली गयी सीएचसी हाथी बाजार पर रैम्प बनवाने के लिए जिला दिव्यांगजन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह मौके पर जाकर निरीक्षण करें और जल्द से जल्द रैम्प की व्यवस्था सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि कोविड के मामले अब जिले में काफी कम हो चुके हैं। लिहाजा इस सम्बन्ध में प्रतिदिन जारी होने वाली बुलेटिन को प्रत्येक मंगलवार को जारी किया जाए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि एक अक्टूबर से शुरू हो रहा अभियान दो चरणों में चलेगा। पहले चरण में मलेरिया विभाग के कार्यकर्ता क्षेत्रवार योजना बनाते हुए पूर्व के वर्षो में मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों के आधार पर चिन्हित किए गये हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आंकलन करेंगे। इसके साथ ही अधिक मच्छर घनत्व वाले क्षेत्रों में सम्बन्धित विभागों के सहयोग से इस पर प्रभावी अंकुश के लिए प्रयास करेंगे। दूसरा चरण दस्तक से शुरू होगा जिसमें आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर लोगों को संचारी रोगों के खतरे तथा उसके बचाव की जानकारी देंगे। जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष सिंह ने पीपीटी का प्रदर्शन किया। बैठक में मण्डलीय व जिला चिकित्सालय के एसआईसी, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

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