Home राज्य उत्तर प्रदेश वाराणसी : मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी : मुख्य चिकित्साधिकारी

वाराणसी : मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी : मुख्य चिकित्साधिकारी

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वाराणसी। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बेहद ही जरूरी है। ऐसे रोगियों के साथ हमेशा ही अच्छा व्यवहार करना चाहिए। इसका भी ख्याल रखना चाहिए कि उन्हें सिर्फ दया ही नहीं दवा की भी जरूरत होती है। लिहाजा मानसिक रोगियों के प्रति जागरूक रहते हुए उनका समय से उपचार करना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिण्डरा में शुक्रवार को लगाये गये ‘वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर’ में उक्त विचार व्यक्त किया। शिविर का उद्घाटन करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि मानसिक रोग के प्रति जागरुकता के साथ ही उचित परामर्श व बेहतर उपचार के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया है।

उन्होंने कहा कि हम सभी को इस बात का सदैव ध्यान रखना चाहिए कि मानसिक रोग से पीड़ित किसी भी व्यक्ति के साथ भूल से भी बुरा व्यवहार न करें। ऐसा इसलिए भी जरूरी है कि बुरे व्यवहार से उसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव तो पड़ ही सकता है। रोग से परेशान होकर वह कोई घातक कदम भी उठा सकता है। लिहाजा हम थोड़ा सा भी संवेदनशील होकर मानसिक रोगी का सही समय से उपचार करायें तो उसका रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा निरंतर प्रयासरत है कि समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंच सके। इसलिए महिलाओं व बच्चों को भी स्वस्थ रखना हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के जरिये सभी को स्वास्थ्य योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ दिया जा रहा है। महिलाओं को दृष्टिगत रखते हुए लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार किया जा रहा है। शिविर के उद्घाटन के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होने स्वास्थ्य शिविर में आए मरीजों से भी उनका हाल जाना।

इस अवसर पर एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ एके गुप्ता, एसीएमओ (एनएचएम) डॉ एके मौर्य, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ डीपी सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार, चिकित्सा अधिकारी डॉ अतुल सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी हरिवंश यादव तथा डीपीएम संतोष सिंह, जिला सलाहकार डॉ सौरभ सिंह ने सम्पूर्ण स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। इसके साथ ही डॉ एके मौर्य, डॉ डीपी सिंह, मनोचिकित्सक डॉ रविंद्र कुशवाहा ने मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण, बचाव, नियंत्रण, रोकथाम आदि को लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी गुलशन ने किया।

स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों की टीम ने कैंप में शामिल 796 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की। इसमें मानसिक रोग के 92 मरीजों को देखा गया तथा उन्हें परामर्श दिया गया। गैर संचारी रोगों के 114 तथा 6 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 56 लोगों का टीकाकरण किया गया। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 88 समेत कुष्ठ रोग, टीबी व सामान्य रोगों सहित अन्य मरीजों को देखा गया। इसके साथ ही वृद्धजन स्वास्थ्य, परिवार नियोजन व आँख की निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श एवं दवाएं वितरित की। इस अवसर पर ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक रीना, ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक विजय, समस्त आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

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