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वाराणसी : कुपोषण दूर करने में ‘अभिनव पहल’ की अहम भूमिका, बच्चों, गर्भवती व किशोरियों के पोषण स्तर में हो रहा सुधार

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वाराणसी। बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य देखभाल तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से इसी साल मई में अभिनव पहल 2.0 की शुरुआत की गयी थी। पिछले चार महीनों में इस अभियान के बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती के पोषण स्तर को मजबूत करना, पोषाहार के अतिरिक्त मल्टी विटामिन, आयरन आदि जरूरी सूक्ष्म व संपूरक पोषक तत्व प्रदान कराना और एक स्वस्थ व सुपोषित समाज का निर्माण करना है। जनपद के पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल द्वारा शुरू की गयी यह पहल बेहतर तरीके से संचालित की जा रही है।

इस अभियान में गर्भवती को तीन माह पूर्ण होने के बाद पेट के कीड़े निकालने के लिए एल्बेण्डाजोल और एनीमिया को दूर करने के लिए आयरन फोलिक एसिड (आईएफ़ए) की गोली (एक गोली प्रतिदिन 180 दिन) खिलाई जा रही है। किशोरियों को एल्बेण्डाजोल छः माह में एक बार  एवं आईएफ़ए (सप्ताह में दो बार) और सात माह से पाँच वर्ष के लाल व पीली श्रेणी के बच्चों को उम्र के अनुसार एल्बेण्डाजोल, मल्टी विटामिन सीरप और आईएफ़ए सीरप की खुराक पिलाई जा रही है। उन्होने बताया कि वेदान्ता फाउण्डेशन के सौजन्य से मीलमाइल संस्था द्वारा आराजीलाइन विकास खंड में लाल व पीली श्रेणी के सभी बच्चों को पोषण शक्ति (प्रोटीन मिनरल युक्त पेस्ट) भी दिया जा रहा है।

अराजीलाइन ब्लॉक के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आईसीडीएस के तत्वावधान में संस्थाओं ने अन्नप्राशन और गोदभराई दिवस का आयोजन किया। इस मौके पर 210 बच्चों और 125 गर्भवती को मीलमाइल ‘पोषण शक्ति’ के पाउच दिए गए। मीलमाइल की अभिलाषा कोटवाल ने माताओं और बच्चों को सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व और इसके प्रभावों के बारे में जागरूक किया। अराजीलाइन ब्लॉक में लाल और पीले श्रेणी के 3000 बच्चों को ‘पोषण शक्ति’ अनुपूरक आहार दिया जा रहा है। पिछले चार माह में 85 प्रतिशत बच्चों और गर्भवती के पोषण स्तर में सुधार आया है।

लाभार्थियों के बोल : अराजीलाइन के पनियरा निवासी अमायरु ने बताया कि उनका बच्चा जाफ़र अली तीन साल का है। सही से आहार न मिलने पर वह कमजोर हो गया था। चार माह पहले उसका वजन 10 किलो और ऊंचाई 85 सेमी थी लेकिन आंगनबाड़ी दीदी की सलाह और नियमित स्वस्थ आहार से उसका वजन बढ़कर 12 किलो और ऊंचाई 89 सेमी हो गयी है। अब वह पूरी तरह ठीक है। मेहंदीपुर निवासी बबीता बताती हैं कि मेरे बच्चे कृतिका की उम्र 2 साल 8 माह है। भोजन व संतुलित आहार की कमी से वह कुपोषित हो गया था। वजन भी कम होने लगा था लेकिन आंगनबाड़ी दीदी की मदद से पोषण शक्ति अनुपूरक आहार के साथ स्वस्थ आहार से वह अब ठीक हो गया है।

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