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वाराणसी : ‘अभिनव पहल’ : गर्भवती व बच्चों के पोषण स्तर में आया सुधार

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वाराणसी। बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती के उचित पोषण, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए शासन की ओर से लगातार पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए ज़ोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक गोयल की पहल पर अक्टूबर 2021 में एक विशेष अभियान ‘अभिनव पहल’ की शुरुआत की गयी थी। तीन माह (100 दिन) तक चले इस विशेष अभियान के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें पाया गया कि गर्भवती व कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सकारात्मक सुधार हुआ है।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं गर्भवती के पोषण स्तर को मजबूत करना था। इसके पहले चरण में अलग-अलग तीन विकास खंडों में अलग-अलग लाभार्थियों को विभिन्न सूक्ष्म व संपूरक पोषक तत्वों के सेवन के लिए चिन्हित किया गया था। यह अभियान पिछले साल अक्टूबर में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और पोषण पुनर्वास केंद्र के प्रभारी डॉ सौरभ सिंह के परामर्श पर शुरू किया गया था।

यह रहे अभियान के नतीजे

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि तीन विकासखंड काशी विद्यापीठ, हरहुआ व सेवापुरी में एक से छह वर्ष तक के कुपोषित कुल 13,233 बच्चों को उम्र के अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों का सेवन कराया गया। इसके साथ ही छह माह तक के बच्चों को सिर्फ स्तनपान तथा छह माह पूरे होने के बाद स्तनपान के साथ अर्ध ठोषाहार खिलाने के लिए प्रेरित किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि लाल श्रेणी के कुल 3,099 बच्चों में 1.2 किलोग्राम के वजन की बढ़ोतरी हुई। वहीं अन्य ब्लॉकों में 500 ग्राम बढ़ोतरी हुयी। इसके साथ तीनों ब्लॉको के पीली श्रेणी के कुल 9124 बच्चों में एक किलोग्राम के वजन की बढ़ोतरी हुयी जबकि अन्य ब्लॉकों में 700 ग्राम की बढ़ोतरी हुई। इसके अतिरिक्त तीन विकासखंड अराजीलाइन, बड़ागांव और चिरईगांव में कुल 4000 गर्भवती को संपूरक तत्वों का सेवन कराया गया (विशेषकर चौथे माह से)। इसमें पाया गया कि तीनों ब्लॉकों में एक गर्भवती के वजन में 3.7 किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई जबकि अन्य ब्लॉकों में 2.4 किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई।

जल्द शुरू होगा दूसरा चरण

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बेहतर कार्य और नतीजों में आए सुधार को देखते हुये मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल्द ही ‘अभिनव पहल’ का दूसरा चरण सभी विकासखंडों में शुरू किया जाएगा। उन्होने उम्मीद की है कि इसी तरह का अभियान व देखभाल वर्ष पर्यंत की जाए तो जल्द ही सुपोषित व स्वस्थ समाज की कल्पना की जा सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग का मिला पूरा सहयोग

आईसीडीएस विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शुरू की गयी इस पहल को लेकर स्वास्थ्य विभाग (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) का पूरा सहयोग मिला। मांग के अनुसार विभाग की ओर से पर्याप्त मात्रा में सूक्ष्म एवं संपूरक पोषक तत्व उपलब्ध करवाए गए, जिससे यह अभियान सुचारु रूप से संचालित हो सका।          

क्या है “अभिनव पहल” ?

ग्रामीण परिवेश में रह रहे कुपोषित बच्चों, स्कूल न जाने वाली किशोरियों एवं गर्भवती को पोषाहार के अतिरिक्त मल्टी विटामिन, आयरन आदि जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व भी मिलते रहें, इसका मुख्य उद्देश्य है। इस पहल के तहत कुपोषित बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती को अलग-अलग ब्लॉक में डब्ल्यूएचओ व यूनिसेफ से स्वीकृत सूक्ष्म एवं संपूरक पोषक तत्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अपने समक्ष ही खिलाई जाती है।

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