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UP Election 2022 : PM Modi ने “बूथ विजय सम्मेलन” में कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र, बोले- मुझ जैसे कार्यकर्ता को पार्टी ने बनारस भेजा है और मुझे बनारस मिल गया

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PM Modi का काशीवासियों ने किया स्वागत, देखे वीडियो

PM Narendra Modi In Varanasi : बनारस के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चुनावी शंखनाद करने रविवार दोपहर बाद पहुंचे तो कार्यकर्ता और पदाधिकारियों संग भाजपा उम्‍मीदवारों का भी उत्‍साह चरम पर पहुंच गया। इस दौरान पीएम मोदी सम्पूर्णानन्द स्टेडियम में बूथ विजय सम्मेलन कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संवाद किया और जीत का मंत्र भी दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में ‘बूथ विजय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि जिस पार्टी के पास आप जैसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की ताकत हो, उसकी जीत तो सुनिश्चित है ही। बूथ विजय सम्मेलन में आपका ये जोश, आत्मविश्वास दिखता है कि हम हर बूथ भी जीतेंगे। साथ ही पूरे क्षेत्र में फुल स्कोर भी करेंगे। मुझ जैसे कार्यकर्ता को पार्टी ने बनारस भेजा और मुझे बनारस मिल गया। मैं बनारस का ही होकर रह गया। काशी की सेवा का, महादेव और मां गंगा के चरणों पर बैठने का जो पुण्य लाभ मुझे मिला है, ये मुझे पार्टी ने ही दिया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में काशी के डोमराजा स्वर्गीय जगदीश चौधरी को लेकर कहा कि मुझे काशी के स्वर्गीय डोमराजा जगदीश चौधरी जी की कमी भी महसूस हो रही है। वो मुझ पर इतना स्नेह दिखाते थे, कि मैं अभीभूत हो जाता था।

पीएम मोदी ने कहा हमारा संगठन एक जीवंत इकाई है। हम कार्यकर्ताओं को परिवार मानने वाले लोग हैं। अपनी पार्टी को अपनी निजी प्रापर्टी मानने वाले ये घोर परिवारवादी लोग हमारा मुकाबला नहीं कर सकते हैं। भाजपा कार्यकर्ता देश के लिए काम करते हैं, अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर, इदं न मम् के भाव से काम करते हैं। हम सभी के लिए हमेशा से ‘व्यक्ति से ऊपर दल, और दल से ऊपर देश’ रहा है। हम चुनाव जीतते हैं लेकिन साथ ही लोगों का दिल भी जीतते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा पहले जिन घोर परिवारवादियों ने सरकार चलाई उनकी पार्टी की पहचान के साथ गुंडागर्दी और माफियावाद जुड़ा हुआ है। भाजपा की पहचान उनका कार्यकर्ता है। भाजपा कार्यकर्ता की पहचान उसकी सेवा है। कोरोना काल इसका ताजा उदाहरण है। जब ये घोर परिवारवादी सरकार में थे, तो यूपी के विकास के लिए, गरीबों के लिए हम जो भी काम लेकर आते थे, उसमें ये अड़ंगा लगा देते थे। लेकिन बीते पांच साल में डबल इंजन की सरकार ने यूपी के विकास की पूरी ईमानदारी से कोशिश की है।

उन्होंने कहा कोरोना काल के दौर में पार्टी ने ‘सेवा ही संगठन’ अभियान चलाया। मैं जानता हूं कि किस तरह भाजपा का हर एक कार्यकर्ता जन सामान्य की सेवा के लिए लगा रहा। हमारे कार्यकर्ताओं ने लोगों तक राशन पहुंचाया, घर-घर दवाईयां पहुंचाई, मास्क बांटे। हम सेवा करने के लिए ही राजनीति में आए हैं। ये एक-दो दिन की रिहर्सल नहीं, एक दो साल का कोर्स नहीं है, बल्कि सेवा एक माहयज्ञ है, जो जीवन की आखिरी सांस तक अनवरत चलते रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मैंने इस बार लाल किले से कहा है कि 100% लाभार्थियों तक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। जब ऐसा होगा तो न तुष्टिकरण की कोई संभावना होगी, न किसी भेदभाव की। इस काम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है। मैं किसी की व्यक्तिगत आलोचना करना पसंद नहीं करता और ना ही किसी की आलोचना करना चाहता हूं। लेकिन जब सार्वजनिक रूप से काशी में मेरी मृत्यु की कामना की गई, तो वाकई मुझे बहुत आनंद आया, मेरे मन को बहुत सुकून मिला।

पीएम ने कहा अभी शिवरात्रि आने वाली है। पूरे देश से लोग काशी आएंगे। बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए लोग घंटों तक लाइन में लगते हैं। काशी में आए बाबा के भक्त बाबा के ही रूप होते हैं। हमें इसी भाव के साथ हर श्रद्धालु की सेवा करनी है। काशी भारत की संस्कृति की प्राचीन राजधानी रही है। लेकिन, पिछली सरकारों ने बनारस को विकास से वंचित रखकर यहां के लोगों को परेशानियों के गर्त में धकेलने की कोशिश की। महादेव के आशीर्वाद से आज बनारस बदल रहा है। आज काशी विश्वनाथ धाम, काशी और देश की गरिमा के अनुरूप हमारी पहचान की भव्य झांकी बनकर खड़ा है। कितने समय बाद, बाबा का धाम और मां गंगा फिर से एक बार जुड़े हैं।

उन्होंने कहा काशी तो अविनाशी कही जाती है। और काशी के लोग जब विश्वनाथ धाम परियोजना को लेकर गर्व का अनुभव कर रहे थे, तो उस समय हमने एक और अनुभव किया। हम सभी ने देखा कि भारत की राजनीति में कुछ लोग किस हद तक नीचे गिर गए हैं। उन्होंने कहा काशी में घाटों पर, मंदिरों पर बम विस्फोट होते थे। आतंकवादी बेखौफ थे, क्योंकि तब की समाजवादी सरकार उनके साथ थी। सरकार आतंकियों से खुलेआम मुकदमे वापस ले रही थी। लेकिन, काशी कोतवाल बाबा कालभैरव के आगे इनकी चलने वाली थी क्या?

मुझे लगा कि मेरे घोर विरोधी भी ये देख रहे हैं कि काशी के लोगों का मुझ पर कितना स्नेह है। उन लोगों ने तो मेरे मन की मुराद पूरी कर दी।इसका मतलब ये कि मेरी मृत्यु तक ना काशी के लोग मुझे छोड़ेंगे और ना ही काशी मुझे छोड़ेगी। त्रिशूल के आगे कोई माफिया, कोई आतंकी कभी टिक सकता है क्या? आज सब अपने ठिकाने पर है और कालजयी काशी है देश को दिशा दिखा रही है। कुछ दिन पहले मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा भी बनारस को आशीर्वाद देने फिर से स्थापित हो गई है।

पीएम ने अपने संबोधन में कहा उन घोर परिवारवादियों को मालूम नहीं है कि ये जिंदा शहर बनारस है! ये शहर मुक्ति के रास्ते खोलता है। और अब बनारस, विकास के जिस रास्ते पर चल पड़ा है, वो देश के लिए गरीबी से मुक्ति के रास्ते खोलेगा, अपराध से मुक्ति के रास्ते खोलेगा।

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