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UP Election 2022 : नामांकन करने वाले प्रत्याशी हो जाये अलर्ट, चुनाव आयोग द्वारा जारी गाइडलाइंस का करे पालन, नही पड़ सकती है भारी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर तिथियां घोषित हो चुकी है। शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए 11 जिलों की 58 सीटों के लिए मकर संक्रांति के पर्व पर अधिसूचना जारी किया गया है। पहली बार चुनाव आयोग में नामांकन के लिए ऑनलाइन की सुविधा दी गई है। चुनाव के लिए जो भी प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने जा रहे है उन्हें थोड़ी बहुत सावधानी भी बरतनी पड़ेगी नही तो काफी फिर कार्यवाही हो सकती है।

गाइडलाइंस का नही किया पालन तो हो सकती है कार्यवाही

बता दे कि यूपी चुनाव के लिए जो प्रत्याशी नामांकन करने जा रहे हैं, वो अलर्ट रहें। चुनाव आयोग की चुनाव नामांकन की जारी गाइडलाइन का पालन अवश्य करें। यदि प्रतयाशी नामांकन के समय गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया या फिर बाद में कोई छुपी जानकारी बाहर आई तो खैर नहीं। उस प्रत्याशी पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और नामांकन भी रद्द कर दिया जाएगा। चुनाव जीतने के बाद अगर पकड़े गए तो विधायकी रद हो जाएगी।

इसका सबसे बड़ा ताजा उदाहरण स्वार टांडा (Suar Tanda Assembly seat) से विधायक अब्दुल्ला आजम खान की विधायकी रद होना है, जिसमें उन्होंने अपनी जानकारी गलत ढंग से पेश की थी। जानें चुनाव नामांकन गाइडलाइन क्या है?

प्रत्याशी के नामांकन की गाइडलाइन

नामांकन के समय प्रत्याशी के साथ सिर्फ दो व्यक्ति ही निर्वाचन अधिकारी के कक्ष तक जा सकेंगे। प्रत्याशी सुविधा ऐप के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और उसकी प्रति निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जमा कर सकते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते नामांकन के समय किसी भी प्रत्याशी को जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। नामांकन के वक्त प्रत्याशी सिर्फ दो गाड़ियों का ही प्रयोग कर सकेगा।

3 बार आपराधिक इतिहास बताना होगा

नामांकन करने वाले प्रत्याशी के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार, यदि इस बार अगर कोई चुनाव लड़ रहा है तो उनको आपराधिक इतिहास बताना होगा। उसमें शपथ पत्र के साथ आरओ को पत्र दाखिल करना होगा कि वह कितने बड़े अपराधी हैं और कितने मामले न्यायालय या थाने में चल रहे हैं। यह आपराधिक इतिहास 3 बार बताना होगा। इसमें पहली बार जब नामांकन पत्र दाखिल करेंगे तो तीन से चार दिन बाद दिखाएंगे। फिर दूसरी बार में पांच से आठ दिन के बीच आपराधिक इतिहास दिखाना है। इसके बाद तीसरी बार में नौ दिन बाद जब प्रचार-प्रसार बंद हो रहा होगा, तब अपना आपराधिक रिकार्ड बताना पड़ेगा।

अखबारों में प्रकाशित कराना होगा, आपराधिक इतिहास बताना जरूरी

विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को अपना आपराधिक मामला सार्वजनिक करना होगा। आयोग का निर्देश है कि, आपराधिक मामलों को बार-बार अखबारों में प्रकाशित करना होगा। जनता को जानकारी हो सके कि कितने बड़े अपराधी हैं। बदायूं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपा रंजन ने बताया, विधानसभा चुनाव में जो भी प्रत्याशी नामांकन कराएंगे उनके लिये अपना आपराधिक इतिहास बताना होगा और समाचार पत्रों में आपराधिक इतिहास प्रकाशित कराना होगा। इसके साथ-साथ नामांकन से चुनाव प्रचार बंद होने तक तीन बार आपराधिक इतिहास बताना होगा।

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