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UP Assembly Election 2022 : पूर्वांचल के बनारस और गोरखपुर की सीटों पर प्रत्याशी उतारने का मंथन जारी, सपा, भाजपा के पत्ते खोलने का इंतजार

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 चुनाव का विगुल भी बज चुका है तारीखों का ऐलान भी कर दिया गया है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को लेकर नामांकन प्रकिया भी चल रही हैं। वही बात की जाए सभी राजनीतिक दलों की तो सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम भी हर विधानसभा चुनाव को लेकर घोषित कर रहे है। ऐसे मे विभिन्न पार्टियों ने प्रत्याशियों की सूची जारी करने की गति भी तेज कर दी है। लेकिन पूर्वांचल के बनारस और गोरखपुर सीट पर प्रत्याशी उतारने में पार्टियों के बीच गहरा मंथन जारी है।

बनारस को लेकर मंथन जारी

वही गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमें पूर्वांचल की कई सीटों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए पर इसमें गोरखपुर और वाराणसी गायब रहा। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ से प्रत्याशी उतारने को लेकर विपक्ष को बीजेपी के प्रत्याशियों की सूची का इंतजार है। खास तौर पर बनारस को लेकर अभी गंभीर मंथन चल रहा है। लेकिन बीजेपी को भी यही इंतजार है कि पहले समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीएसपी अपनी सूची जारी करे। इधर दावेदारों की धुकधुकी लगातार बढ़ती जा रही है।

2017 चुनाव में बनारस की 8 सीटों में से BJP का 6 सीट पर है कब्जा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बात करें तो गोरखपुर सदर से योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को छोड़ कर अब तक पूर्वांचल की बड़ी विधानसभा सीटों पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। वाराणसी की बात करें तो यहां की आठ में से छह सीटों शहर दक्षिणी, शहर उत्तरी, कैंट, रोहनिया, पिंडरा और शिवपुर पर बीजेपी का कब्जा है। वहीं अजगरा सीट सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के खाते में है तो सेवापुरी सीट अपना दल के खाते में।

इस बीच शिवपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक व कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ( Anil Rajbhar) के खिलाफ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का नाम चर्चा में है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर कहते हैं कि कार्यकर्ता चाहते हैं मैं शिवपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ूं। राजभर कहते हैं कि कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिवपुर से मेरे लड़ने से इसका असर पूर्वांचल की अन्य सीटों पर भी पड़ेगा। लेकिन सुभासपा अध्यक्ष ने अभी तक अपनी उम्मीदवारी घोषित नहीं की है।

पूर्वांचल की अधिकांश सीटों पर सपा ने घोषित किए प्रत्याशी

बात करे समाजवादी पार्टी (SP) की करें तो पार्टी ने गुरुवार को जारी सूची में भाटपार रानी से आशुतोष उपाध्याय, अतरौलिया से संग्राम सिंह यादव, गोपालपुर से नफीस अहमद, आजमगढ़ से दुर्गा प्रसाद यादव, निजामाबाद से आलमबदी, फूलपुर पवई से रमाकांत यादव, दीदारगंज से कमलाकांत राजभर, लालगंज सुरक्षित से बेचन सरोज, घोसी से दारा सिंह चौहान, सिकंदरपुर से जियाउद्दीन रिजवी, फेफना से संग्राम सिंह, बांसडीह से रामगोविंद चौधरी बदलापुर से बाबा दुबे, शाहगंज से शैलेंद्र यादव ललई, मल्हनी से लकी यादव, केराकत सुरक्षित से तुफानी सरोज, जंगीपुर से वीरेंद्र यादव, जमानिया से ओमप्रकाश सिंह, सकलडीहा से प्रभुनाथ सिंह, राबर्ट्सगंज से अविनाश कुशवाहा, ओबरा से सुनील सिंह गौड़ और दुद्धी सुरक्षित सीट से विजय सिंह गौड़ के नाम की घोषणा कर दी।

वही वाराणसी की आठों विधानसभा सीटों को अभी छोड़ रखा है। यहां तक कि गोरखपुर सदर सीट से योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जिस उपेंद्र दत्त शुक्ल की पत्नी सुभावती शुक्ल ने हाल ही में सपा ज्वाइन की है और ये कयास लगाया जा रहा है कि सपा योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध उन्हें टिकट दे सकती है। उनका भी नाम अभी घोषित नहीं किया गया है। उधर पडरौना से ताल ठोकने की तैयारी करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य का खेल कांग्रेस से बीजेपी में जाने वाले आरपीएन सिंह ने बिगाड़ दिया है। वो अब सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं।

कांग्रेस ने सिर्फ दो सीटों पर उतारे प्रत्याशी

वही यदि कांग्रेस पार्टी की बात करे तो अभी तक वाराणसी की सिर्फ दो सीटों पिंडरा और रोहनिया सीट से ही अजय राय व राजेश्वर पटेल के नाम की घोषणा की है। कांग्रेस ने भी गोरखपुर सीट को छोड़ रखा है अभी तक। वैसे पार्टी के भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि टीम प्रियंका गांधी वाड्रा की महिलाएं वाराणसी में गुपचुप तरीके से काम कर रही हैं। इनका सर्वे कार्य अभी तक जारी है। सूत्र यहां तक बताते हैं कि कांग्रेस, वाराणसी में बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले कैंट विधानसभा क्षेत्र में पूरी तैयारी करने में जुटी है। इस सीट से पार्टी किसी महिला उम्मीदवार को उतार कर बीजेपी को झटका देने की तैयारी में है।

कैंट के अलावा शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में भी गोपनीय सर्वे जारी है। लेकिन सपा हो या कांग्रेस को इंतजार है कि बीजेपी कब प्रत्याशी घोषित करती है। बीजेपी के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही नाप-तौल कर सपा और कांग्रेस दोनों ही अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा करेंगे।

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