Home राज्य उत्तर प्रदेश वाराणसी : नगरीय स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर किशोर-किशोरी स्वास्थ्य सेवा...

वाराणसी : नगरीय स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर किशोर-किशोरी स्वास्थ्य सेवा व परामर्श पर भी होगा जोर

50
0

वाराणसी। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ते ही स्वास्थ्य विभाग की सभी सेवाएँ एक-एक कर विधिवत शुरू की जा रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्र की शुरुआत के साथ ही नगरीय स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (यूएचएसएनडी) सत्र का संचालन प्रारम्भ हो चुका है। इसी के मद्देनजर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी के निर्देशन में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय स्थित मातृ व शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग में नगर की एएनएम का अभिमुखीकरण किया गया। अभिमुखीकरण कार्यशाला में एएनएम को यूएचएनडी सत्र पर किशोर-किशोरी स्वास्थ्य संबंधी यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (एसआरएच) सेवाएँ प्रदान कराने व सुदृढ़ीकरण के बारे में बताया गया।

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के तत्वावधान में पॉप्युलेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया (पीएसआई) के सहयोग से संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित हुई। आरकेएसके के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ एके गुप्ता ने बताया कि यूएचएनडी सत्र पर प्रमुख रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व पोषण संबंधी सेवाएँ दी जाती हैं लेकिन अब किशोर-किशोरी स्वास्थ्य पर भी ज़ोर देने की आवश्यकता है। उन्होने बताया कि यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए किशोर-किशोरियों को उचित परामर्श देना बहुत आवश्यक है। इसके लिए नगर के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर हर महीने की आठ तारीख को किशोरी दिवस मनाया जाता है, इसमें किशोर-किशोरियों के वजन व स्वास्थ्य जांच, हीमोग्लोबिन की जांच, , आयरन व कैल्शियम की गोली, किशोरियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन आदि के लिए परामर्श व सेवाएँ दी जा रही हैं। इन्हीं सेवाओं को अब समुदाय स्तर पर भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए किशोरी दिवस के साथ यूएचएनडी सत्र के नियमित संचालन पर ज़ोर दिया जा रहा है, जिससे सभी किशोर-किशोरियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (एसआरएच) सेवाएँ प्रदान की जा सकें।

इस मौके पर पीएसआई की सिटी प्रोजेक्ट मैनेजर कृति पाठक व परामर्शदाता उषा ने समस्त एएनएम को एक खास किट के जरिये किशोर-किशोरी यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य (एसआरएच) सेवा संबंधीत गतिविधि, कहानी चित्रण व खेल के बारे में संवेदीकरण किया गया। खेल-खेल में उन्हें किशोर-किशोरियों में होने वाली परिस्थितियों जैसे खुशी के अनुभव, जोखिम एवं सुरक्षा के साधनों के बारे में विस्तार से चर्चा की। खुशी के अनुभव में बाईक पर घूमना, रेस्टोरेंट में खाना, बाईक पर सेल्फी लेना आदि व जोखिम में दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी समस्या आदि एवं सुरक्षा के साधन में हेल्मेट का उपयोग, मिर्ची वाला स्प्रे आदि के बारे में विस्तार से बताया गया।

इस मौके पर एमसीएच विंग की प्रभारी महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रीति यादव ने एमसीएच विंग में दी जा रही प्रसव संबंधी सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होने कहा- एमसीएच विंग को प्रथम संदर्भन इकाई बना दिया गया है और यहाँ 24 घंटे सातों दिन प्रसव संबंधी सेवाएँ दी जा रही हैं। इस अवसर पर मंडलीय सलाहकार डॉ आरपी सोलंकी, शहरी मंडलीय समन्वयक मयंक राय, सीसीपीएम कौशल चौबे, पीएसआई से अखिलेश व सुनीता एवं एएनएम मौजूद रहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here