Home ताजा वाराणसी : जरूरी नही की कोरोना से ग्रस्त माँ का शिशु भी...

वाराणसी : जरूरी नही की कोरोना से ग्रस्त माँ का शिशु भी पॉजिटिव हो, घबराने की आवश्यकता नही, संक्रमित गर्भवती कोविड अस्पताल में ही कराएं प्रसव

49
0

वाराणसी। जनपद कोविड की तीसरी लहर चल रही है। इसमें लोगों में मन में कई सवाल भी उठ रहे होंगे क्या करे क्या ना करे। यह कोई जरूरी नहीं कि कोविड पॉजिटिव गर्भवती के शिशु को भी कोविड होगा। खासकर जब तक वह पेट में है। ज्यादा सुरक्षित है। हां, प्रसव के बाद प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर कोविड होने की पूरी आशंका रहती है। यह कहना है जिला महिला अस्पताल की वरिष्ठ परामर्शदाता एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका पाण्डेय का।

डॉ० मधुलिका ने बताया कि कोविड संक्रमण आजकल बहुत तेजी बढ़ रहा है। यदि आप गर्भवती हैं और कोविड पॉजिटिव हैं या रह चुकी तो कोविड को लेकर कतई न घबराएं। कोविड जैसी संक्रामक बीमारी से बचने के लिए बस जागरूक, सचेत और सतर्क रहें। सदैव अपने चिकित्सक के संपर्क में रहें और उनके सुझाओं का पालन करें।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि गर्भवती माहिलाएं अनावश्यक अस्पताल में न आएं। कोशिश करें चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श लें। गर्भवती महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य के मुकाबले कम होती है। इसलिए गर्भवती महिलाएं अपने व बच्चे के भविष्य के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान दें। कुछ भी छूने के बाद 40 सेकंड तक साबुन से हाथ धो लें और मास्क लगाए रखें।

डॉ० पाण्डेय ने बताया कि यदि मां कोविड पॉजिटिव है या रह चुकी है तब भी उसको स्तनपान कराना है। बस साफ-सफाई का ध्यान देते हुए मास्क लगाकर ही स्तनपान कराना है। यह भी ध्यान रखें कि बच्चे के ऊपर किसी प्रकार की छींक या खांसी की ड्रॉपलेट न जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० संदीप चौधरी ने बताया कि जनपद में कोविड अस्पताल संचालित हैं। साथ ही सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करें। कोविड पॉजिटिव महिलाओं को प्रसव के लिए सर सुन्दर लाल चिकित्सालय ( बीएचयू) को नामित किया गया है। कोविड पॉजिटिव गर्भवती को वहां तक ले जाने की भी व्यवस्था है।

क्या करें..?

• नियमित कोविड प्रोटोकाल अपनाएं
• अकेले रोज धूप में बैठें
• बाजार का पका हुआ आहार का सेवन न करें
• बाहर से आया समान सेनेटाइज करें
• बाहर से लाए सामानों को 3 दिन बाद ही उपयोग में लाएं
• अतिआवश्यक स्थिति में ही घर से बाहर निकलें

क्या न करें..?

• अनावश्यक अस्पताल न जाएं
• ऑनलाइन परामर्श लेने की कोशिश करें
• संभव हो तो घर पर ही सेंपल दें
• नकारात्मक चर्चा में शामिल न हों

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here