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वाराणसी : IIT BHU में 10वां दीक्षांत समारोह धूमधाम से हुआ सम्पन्न, कुशल टिब्रेवाल ने सर्वाधिक 11 मेडल व पुरस्कार पाकर चूमा सफलता का शिखर

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वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (IIT BHU), वाराणसी में रविवार को दसवां दीक्षांत समारोह का आयोजन स्वतंत्रता भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में किया गया। समारोह में इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी के छात्र कुशल टिब्रेवाल ने सर्वाधिक 11 मेडल और पुरस्कार (सात स्वर्ण और चार पुरस्कार) पाकर अपनी मेधा का परचम लहराया। कुशल टिब्रेवाल को बीटेक स्तर पर शैक्षणिक क्षेत्र में संपूर्ण उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेसीडेंट्स स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया गया।

वहीं, इलेक्ट्रिॉनिक्स इंजीनियरिंग के आरएडीएस अभिजिथ को कुल आठ मेडल और पुरस्कार (पांच स्वर्ण और तीन पुरस्कार) और कंप्यूटर साइंस एवं इंजिनियरिंग के प्रनव दलाल विभिन्न श्रेणियों में छह स्वर्ण, एक रजत और एक पुरस्कार कुल आठ मेडल व पुरस्कार प्राप्त कर सफलता के शिखर तक पहुंचे। संस्थान में सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और संगठनात्मक व नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने के लिए पुलकित गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग को डाइरेक्टर्स स्वर्ण पदक से विभूषित किया गया।

इसके अतिरिक्त केमिकल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी से अमितेश पांडा को पांच स्वर्ण, दो पुरस्कार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से समर्थ चौधरी और फार्मास्यूटिकल्स इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी से अनुश्री शेखावत को चार-चार स्वर्ण और एक-एक पुरस्कार और सिविल इंजीनियरिंग से पुरू दूबे को दो स्वर्ण और दो पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दो मेडल प्राप्त करने वालों में सिविल से अमन शर्मा, मैकेनिकल से अनंतकृष्णन के, फार्मास्युटिकल्स से मोहना दास, इंडस्ट्रीयल केमिस्ट्रिी से पाटिल मोहित प्रवीणचंद्रा, सिरामिक से हर्ष बाल्दी, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग से जान्हवी गुप्ता और माइनिंग इंजीनियरिंग से रजत कुमार खंडेलवाल रहे।

दसवें दीक्षांत समारोह में कुल 1610 स्नातकों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह के मुख्य अतिथि इसरो के चेयरमैन और अंतरिक्ष विभाग के सचिव श्री सोमनाथ एस. और संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने छात्र-छात्राओं को मेडल और अवार्ड से सम्मानित किया। पुरस्कार वितरण का संचालन शैक्षणिक कार्य के अधिष्ठाता प्रोफेसर श्याम बिहारी द्विवेदी ने किया। इस दौरान मंच पर बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन पद्मश्री डॉ कोटा हरिनारायन और कुलसचिव (प्रभार) श्री राजन श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

इससे पहले समारोह का शुभांरभ मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण, दीप प्रज्ज्वलन और कुलगीत के साथ हुआ। दीक्षांत समारोह के आरंभ की घोषणा संचालक मंडल के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ कोटा हरिनारायन ने की। इसके बाद संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने संस्थान की उपलब्धियों की आख्या पढ़ी।

9 पूर्व छात्र को किया गया सम्मानित

दीक्षांत समारोह में कुल 09 पूर्व छात्रों को प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार 2021-22 से सम्मानित किया गया। इनमें निकेश अरोड़ा, (ईईई 89), सीईओ और अध्यक्ष, पालो-ऑल्टो नेटवर्क्स को प्रोफेशन के क्षेत्र में, जय चौधरी (ईसीई 80) सीईओ, अध्यक्ष और सह-संस्थापक, जीस्केलर और पवन कुमार जैन (सीएचई 76) साइट अध्यक्ष और जेएमडी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को उद्योग/उद्यमिता क्षेत्र में, डॉ इंदु भूषण (ईईई 81) पूर्व सीईओ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और आयुष्मान भारत, भारत सरकार और डॉ अरुण कुमार मेहता (सीआईवी 84) मुख्य सचिव, जम्मू और कश्मीर सरकार, को सार्वजनिक जीवन में उपलब्धियों के लिए, प्रो. कुणाल करण (सीएचई 92) प्रोफेसर, रसायन और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग विभाग, कैलगरी विश्वविद्यालय और प्रो बनमाली एस रावत (ईईई 68 और ईसीई 70) प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग, नेवादा विश्वविद्यालय को अकादमिक क्षेत्र के लिए और डॉ आनंद एस मूर्थी (एमईटी 87) इंटेल फेलो और निदेशक, इंटेल इंक और कैलाश कैलाश (ईसीई 80) सह-संस्थापक, जीस्केलर को अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए विशिष्ट पूर्व छात्र/पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में पवन कुमार जैन, डॉ इंदु भूषण एवं आनंद एस. मूर्थी उपस्थित रहे, जिन्हे निदेशक द्वारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार 2021-22 से सम्मानित किया गया।

समारोह में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, लोक गायिका मालिनी अवस्थी, अनुसंधान एवं विकास के अधिष्ठाता प्रोफेसर विकास कुमार दूबे, पुरा छात्र अधिष्ठाता प्रोफेसर राजीव कुमार श्रीवास्तव, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक, शिक्षक, अधिकारी, छात्र एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

इस दौरान मुख्य अतिथि सोमनाथ एस. द्वारा दीक्षांत समारोह में दिये गए अभिभाषण में उन्होंने कहा मैं संस्थान के 10वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आप सभी को विशेष बधाई देता हूं और पिछले बैच के छात्र जो आज अपनी डिग्री और अकादमिक पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें बधाई हो। यह मेरे लिए गर्व का सौभाग्य है। आज इस उत्सव के दिन इस ऐतिहासिक संस्थान के बारे में जानने का सौभाग्य मुझे मिला और संस्थान की भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकर अभिभूत हूं।

किसी भी डिग्री, प्राप्तकर्ताओं और मान्यता या प्रमाण पत्र या पुरस्कार, यह महज आसानी से नहीं मिला, बल्कि यह लगातार प्रयासों और प्रतिबद्धता के माध्यम से हुआ है। कोई भी पुरस्कार केवल एक शुरुआत है आपको यह पहचानना होगा कि आपके भविष्य के जीवन में आपकी सफलता व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों अनेक गुणों से निर्धारित है। आपके पास जुनून प्रतिबद्धता, उत्कृष्टता, दृढ़ संकल्प, सीखने की क्षमता, विनम्रता, ईमानदारी और अखंडता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा मैं विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में काम करने के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली हूं, जहां डॉक्टर विक्रम साराभाई ने लोगों और समाज की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया और सैटेलाइट को लांच करने का एक आत्मनिर्भर कार्यक्रम बनाकर देश को सशक्त बनाया। आज हमारे देश के अत्याधुनिक उपग्रह हमारे अपने प्रक्षेपण यान का उपयोग कर रहे हैं।

इसरो में हम भौतिकी रसायन विज्ञान और प्राकृतिक विज्ञान और यहां तक कि वनस्पति विज्ञान के वैज्ञानिकों के लिए सभी शाखाओं के सभी प्रकार के पेशेवर इंजीनियरों के साथ काम करते हैं। चयापचय और मानव शरीर और प्रकाश की चरम स्थिति में जीवित रहना जिसमें उच्च त्वरण और कंपन सेंसर संवेदनशीलता शामिल है, भारहीनता हल्के विकिरण के लंबे समय तक संपर्क में है, हम वर्तमान में उनके साथ विकसित करने के लिए परीक्षण सेट तैयार कर रहे हैं, हमारे पास उपलब्ध बहु-विषयक तकनीकी कौशल ऐसा करने में सक्षम होगा।

एक इंजीनियर और एक वैज्ञानिक के रूप में मैंने रॉकेट को एक बच्चे की तरह माना, इसका जन्म इसकी वृद्धि इसकी वृद्धि की समस्या है, यह भावनाओं और इसके यांत्रिकी और गतिशील और इसके जीवन की गहरी समझ विकसित करता है, मेरा मानना है कि रॉकेट की हर उड़ान में इसका जीवन है और कई जमीनी परीक्षण हमें हजारों माप मिलते हैं जिन्हें हम मॉडल के रूप में प्लॉट करते हैं और अध्ययन करते हैं कि यह कैसे प्रदर्शन करता है और प्रख्यात खतरे को देखता है और दवाओं को सुधारात्मक कार्रवाई के रूप में लिखता है पिछले कई वर्षों में मैं बेहद प्रतिभाशाली व्यक्तियों के साथ काम कर रहा हूं और मैंने बहुत कुछ सीखा है।

प्रत्येक इंजीनियर एक पेशेवर है और रचनात्मक होने की उम्मीद है। संभावनाएं बहुत अधिक हैं। अब आप सबसे रोमांचक यात्रा पर काम कर रहे हैं। आज आप एक उच्च योग्य स्वतंत्र पेशेवर के रूप में एक निर्देशित छात्र से एक नए चरण में एक लंबे क्रमिक संक्रमण को पूरा कर रहे हैं। इस महान संस्थान के छात्र आप करियर के अवसरों को प्रतिबिंबित और पूछताछ करने वाले दिमाग को बनाए रखते हैं जो साहसी और बौद्धिक रूप से चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि यह ऐसा मार्ग है जो आपको पूर्ति की गहरी भावना प्रदान करेगा। मुझे विश्वास है कि आप उन विकल्पों को चुनेंगे जो आपके परिवार और आपके देश को गौरवान्वित करेंगे।

उन्होंने कहा आज की तैयारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में हमारे देश को आपकी पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है, आपकी प्रतिभा, आपके विचार, आपकी ऊर्जा, आपका उत्साह। इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि आप सफल और पूर्ण करियर दोनों का निर्माण करेंगे। आप सभी हमारे ज्ञान समाज के सबसे उपरी हिस्से पर विराजमान हैं और यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने ज्ञान से देश को एक नई राह दिखाएं। जोकि एक स्वस्थ राष्ट्र के लिए बेहद आवश्यक है। आप सभी को भविष्य के भारत के निर्माण का कार्यभार संभालने के लिए मेरी शुभकामनाएं।

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