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अमेरिका से आए BHU के पूर्व छात्र प्रो. केशव प्रसाद का सम्मान, बोले-व्यक्तित्व के विकास में विस्थापन बेहद जरूरी

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वाराणसी । भोजपुरी अध्ययन केंद्र,बीएचयू द्वारा बीएचयू के पूर्व छात्र व वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी, ह्यूस्टन में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में आचार्य प्रो केशव प्रसाद शुक्ल का सम्मान किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएचयू के कुलगुरु प्रो वी के शुक्ल ने की।इस अवसर पर प्रो केशव प्रसाद शुक्ल को अंगवस्त्रम,सम्मान पत्र व बुके देकर सम्मानित किया है।सम्मान पत्र का वाचन डॉ. देवेंद्र मिश्र द्वारा किया गया।

इस अवसर पर अपने भावपूर्ण उद्बोधन में प्रो केशव प्रसाद शुक्ल ने सत्तर के दशक में बीएचयू में बीते अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि बीएचयू एक ऐसी संस्था है जो अपने छात्रों के विकास के लिए तमाम प्रकार के संसाधन उपलब्ध करवाती है।अपने छात्रों में सकारात्मक सोच का निर्माण करना बीएचयू की शिक्षा के केंद्र में है।यह संस्था वैज्ञानिक बोध विकसित करने के साथ ही सांस्कृतिक मूल्य व सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूक करती है।उन्होंने आगे कहा कि बीएचयू का हर छात्र अपने भीतर महामना के सपनो को जिलाये रखता है।यहाँ उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बाहर जाईये क्योंकि व्यक्तित्व के विकास में विस्थापन जरूरी होता है।उन्होंने शोध से जुड़े रहने पर बल देते हुए कहा कि इससे व्यक्तित्व के साथ सामाजिकता का दायरा भी बढ़ता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रेक्टर प्रो. वी.के. शुक्ल ने कहा कि बीएचयू का हर छात्र महामना के
सपनों को साकार करने वाला होता है। अमेरिका से आये प्रो केशव प्रसाद शुक्ल को सम्मानित करने के बहाने उन्होंने कहा कि बीएचयू के पूर्व छात्रों ने विदेश में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है।उन्होंने कहा कि बीएचयू के पूर्व छात्रों को विदेश में भारत की सांस्कृतिक समझ को सही ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करनी चाहिए।उन्होंने उपस्थित प्रो शुक्ल से आग्रह किया कि वे बीएचयू जैसी संस्था की आर्थिक व वैचारिक मदद करने की दिशा में अमेरिका में रह रहे बीएचयू के पूर्व छात्रों को प्रोत्साहित करें।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रतिष्ठित न्यूरो चिकित्सक प्रो विजय नाथ मिश्र ने कहा कि संवेदना का होना ही जीवन का धर्म है और बीएचयू का हर छात्र इस दिशा में जागरूक रहता है।उन्होंने अमेरिका से आये प्रो शुक्ल का अभिनन्दन करते हुये पूर्व छात्र के रूप में उन्हें बीएचयू का गौरव बताया।

भौतिकी विभाग ,बीएचयू के प्रो आँचल श्रीवास्तव ने कहा कि प्रो शुक्ल ने अमेरिका में रहकर भी विज्ञान को सरस ,रोचक व सामाजिक बनाने की दिशा में अच्छा कार्य किया है।

स्वागत वक्तव्य प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने दिया।उन्होंने कहा कि विस्थापन ज्ञान के साथ व्यक्तित्व को भी विस्तार देता है।अपने मूल से ममता तो होती है लेकिन उससे चिपके रहने से विकास अवरुद्ध होता है।बुद्ध,कबीर,नानक ,गांधी सभी इसी विस्थापन से बड़े हुए।इसलिए विस्थापन जरूरी हैं।हाँ,जीवन में विपथन नहीं होना चाहिए।सभ्यता का विकास इसी विस्थापन के कारण संभव हुआ है।

सम्मान के इस अवसर पर भोजपुरी केंद्र के अमर कृष्ण दीक्षित, आदित्य पांडेय,विनय खरवार,पंकज पटेल,अखिलेश्वर पांडेय, ऋषि पांडेय छात्रों द्वारा समन्वयक प्रो श्रीप्रकाश शुक्ल द्वारा लिखित गीत’कोइलिया जल्दी कूको न’ की सुंदर प्रस्तुति की गई।साथ ही शोध छात्रा कुमारी अलका ने ‘मिर्जापुर कइल गुलजार हो’ नामक प्रसिद्ध कजरी की प्रस्तुति दी।शोध छात्र विनय खरवार ने ‘खिंचे लागल अब बकईयाँ ए सईंयां’ गीत की मनोहारी प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ शिल्पा सिंह ने दिया।धन्यवाद ज्ञापन शोध छात्र उदय पाल ने दिया।इस अवसर पर प्रो सरफराज आलम,प्रो चम्पा सिंह,डॉ महेंद्र कुशवाहा,डॉ देवेंद्र मिश्र,डॉ प्रभात मिश्र,डॉ रवि सोनकर,डॉ विंध्याचल यादव के साथ भारी संख्या में छात्र व छात्राएं उपस्थित रहे।

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