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वाराणसी में मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस, CMO बोले- गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार प्रसव पूर्व जाँच बेहद जरूरी

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वाराणसी। चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर पहुँचीं  सुनीता ने बताया कि वह आठ माह के गर्भ से हैं और वृहस्पतिवार को उन्होंने प्रसव पूर्व जांच जैसे हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, वजन व पेट से जुड़ी अन्य जाँच  निःशुल्क करवाई। महिला डॉक्टर ने खान-पान पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा है।

वही एक अन्य गर्भवती चंदा ने बताया कि आशा कार्यकर्ता की मदद से वह केंद्र पर छठवें माह की गर्भावस्था की जांच कराई। इसमें महिला चिकित्सक द्वारा मधुमेह, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन आदि जाँच  निःशुल्क कराई। डॉक्टर ने नियमित रूप से आयरन की गोली और पोषक  आहार के सेवन  की सलाह दी। इसी तरह आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के पीएचसी पर 381 गर्भवती  ने एएनसी जांच कराई जिसमें सात महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी पायी गयी और चार गर्भवती को आयरन सुक्रोज़ चढ़ाया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाला प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस गुरुवार को जनपद के 38 स्वास्थ्य इकाइयों पर उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहुँचीं लगभग 2621 गर्भवती को महिला चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व सभी जांच जैसे हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, वजन व पेट से जुड़ी अन्य जाँच की निःशुल्क सुविधाएं दी गई। इसके साथ ही लाभार्थियों को परिवार नियोजन के लिए परामर्श भी दिया गया। सीएमओ ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिला को कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जाँच अवश्य करानी चाहिए जिससे उन्हें उपयुक्त चिकित्सीय परामर्श मिलता रहे।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ राजेश प्रसाद ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए पीएमएसएमए दिवस प्रत्येक माह की नौ तारीख को मनाया जाता है। दिवस पर चिकित्सालय पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रसव पूर्व जांच की गयी। जांच के बाद उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं को चिन्हित किया गया और उच्च स्तरीय इकाई पर संदर्भित किया गया एवं निःशुल्क दवा, आवश्यक चिकित्सीय व पोषण परामर्श भी दिया गया।

एसीएमओ (आरसीएच) डॉ एके मौर्या ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य को लेकर बहुत ही सजग रहने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्हें संतुलित और स्वस्थ आहार का सेवन करना चाहिए जिससे गर्भस्थ शिशु को भी बेहतर आहार मिलता रहे। गर्भावस्था के दौरान कम से कम 180 आयरन की गोली का सेवन करना चाहिए ताकि रक्त अल्पता की बीमारी को दूर किया जा सके।

डॉ मौर्य ने बताया कि दिवस के दौरान यदि किसी गर्भवती में कोई गंभीर लक्षण जैसे तेज बुखार, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखना, त्वचा का पीलापन होना, दौरे पड़ना, उच्च रक्तचाप, योनि से रक्तस्राव, हाथ पैरों या चेहरे पर सूजन, भ्रूण का कम हिलना या निकलना आदि दिखते हैं तो उन्हें उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की श्रेणी में रखा जाता है, जिससे उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर प्राथमिकता के आधार चिकित्सीय सुविधा दी जा सके और सुरक्षित प्रसव कराया जा सके। इसके साथ ही हर माह की 24 तारीख को जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर पीएमएसएमए प्लस दिवस मनाया जाता है।

जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता पूनम गुप्ता ने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय कबीरचौरा, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय रामनगर सहित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कुल 2621 गर्भवती की प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) जांच में 230 महिलाओं को एचआरपी के लिए चिन्हित किया गया।

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