Home राज्य उत्तर प्रदेश वाराणसी की आंगनबाड़ी केन्द्रों पर परखा बच्चों का पोषण व स्वास्थ्य, 3591...

वाराणसी की आंगनबाड़ी केन्द्रों पर परखा बच्चों का पोषण व स्वास्थ्य, 3591 आंगनबाड़ी केन्द्रों व आठ ब्लॉक मुख्यालयों पर हुई स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता

0

वाराणसी। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत गुरुवार को जनपद के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वस्थ बालक – बालिका प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास  के साथ किया गया। प्रतियोगिता को लेकर अभिभावकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

काशी विद्यापीठ विकासखंड परियोजना के कार्यालय में आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण पटेल और विकास खंड अधिकारी रक्षिता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होने प्रतियोगिता का जायजा लिया और बच्चों की माताओं को स्वस्थ और सुपोषित रहने का महत्व बताया। इसके साथ ही केंद्र पर ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) द्वारा बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती की गोदभराई की गयी। बाल विकास परियोजना अधिकारी अंजना तिवारी ने बताया कि कार्यालय सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में 16 बच्चों ने प्रतिभाग किया जिनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हुई। इस प्रतियोगिता में ककरमत्ता निवासी शबा परवीन के पुत्र सरफराज (4) को प्रथम, शबाना की पुत्री सयाना (4) को द्वितीय और चंचल के पुत्र रुद्र (3) को तृतीय स्थान मिला।

काशी विद्यापीठ के 525 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस क्रम में मुड़ादेव तृतीय आंगनबाड़ी केंद्र पर किरन सोसायटी के सहयोग से आँगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा रानी द्वारा का प्रतियोगिता आयोजित की गयी । इसमें 30 बच्चों ने प्रतिभाग किया। इसमें राधा की पुत्री रोहिणी (2.5 साल) ने 50 में 49 अंक प्राप्त कर प्रथम, चाँदनी की पुत्री आयुषी (1 साल) ने 48 अंक के साथ दूसरा और किरन के पुत्र सूर्या (20 माह) ने 45 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। इन बच्चों को किरन सोसायटी की ओर से उपहार दिये गए। सभी बच्चों और उनकी माताओं को नाखून काटना, समय से टीका लगवाने, स्तनपान और अनुपूरक आहार आदि के बारे में जानकारी दी गयी जिससे उनका बच्चा भी स्वस्थ और तंदुरुस्त बन सके।    

जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता जनपद के समस्त 3591 आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित हुई जिसमें शून्य से पांच वर्ष तक के करीब तीन लाख से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग  किया। प्रतियोगिता में करीब 10,773 बच्चों का प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान का विजेता घोषित किया गया। विजेता बच्चों को दो अक्टूबर गांधी जयंती पर पुरस्कृत किया जाएगा। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य कुपोषण मुक्त भारत की परिकल्पना को  साकार करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने और पोषण की महत्ता पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। प्रतियोगिता को लेकर अभिभावकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सभी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस, ग्रोथ चार्ट और कम्यूनिटी ग्रोथ चार्ट के जरिये बच्चों का मापन किया गया। बच्चों का वजन लेने के बाद वजन, लंबाई और ऊंचाई  पोषण ट्रैकर पर फीड की गयी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here