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वाराणसी : आयुष्मान योजना के एक लाखवें लाभार्थी बने काशी के गौरीशंकर, निःशुल्क कराया कूल्हे का प्रत्यारोपण

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वाराणसी। पड़ाव निवासी 62 वर्षीय गौरीशंकर गुप्त जिले में आयुष्मान भारत योजना के एक लाखवें लाभार्थी बने। पं.दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय में शनिवार को उनके कुल्हे का प्रत्यारोपण किया गया। आयुष्मान कार्ड उनके पास होने की वजह से उनका पूरा उपचार निःशुल्क हुआ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर गौरीशंकर का हालचाल लिया। इस दौरान उनके साथ आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी व डा. मोजाईमुद्दीन, डीएचईआईओ हरिवंश यादव के साथ ही आयुष्मान भारत योजना के सूचना प्रणाली प्रबंधक ईं. नवेंद्र सिंह, जिला समन्वयक डा. पूजा जायसवाल, जिला शिकायत प्रबंधक सागर कुमार भी साथ थे। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने भी इस सफलता के लिए आयुष्मान भारत योजना की टीम सहित स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी है।

एक लाखवें लाभार्थी हुए गौरीशंकर ने कहा कि वह बेहद गरीब हैं। आयुष्मान कार्ड के चलते ही उनका समय से मुफ्त उपचार हो सका। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी ही देन है कि आज उन जैसे गरीबों के लिए आयुष्मान कार्ड वरदान बना हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की भी सराहना की जिसने उनके उपचार में मदद की।

एक निजी कम्पनी के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी गौरीशंकर गुप्त के कुल्हे में कई वर्ष से दर्द था। पांच माह पहले उनके दोनों कुल्हे ने काम करना बंद कर दिया। हालत यह हो गयी कि उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया। पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे गौरीशंकर की इस मुसीबत के चलते नौकरी भी छूट गयी। इस बीच निजी चिकित्सकों ने जब उन्हें बताया कि उनके दोनों कूल्हों का प्रत्यारोपण जरूरी है और इसमें कई  लाख का खर्च आयेगा तो गौरीशंकर एक बार तो पूरी तरह निराश हो गये। तभी उन्हें अपने ‘आयुष्मान कार्ड’ का ख्याल आया। उसे लेकर वह पं.दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के ‘आयुष्मान कक्ष’ पहुंचे। वहां तैनात आयुष्मान मिश्र स्तुति पाण्डेय व सौम्य कुमार ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के साथ ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।

पं.दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आर.के. सिह ने बताया कि गत 12 मार्च को आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. केके बरनवाल और उनकी टीम ने गौरीशंकर के दाहिने कुल्हें का प्रत्यारोपण किया था। इसके साथ ही दूसरे कुल्हे के प्रत्यारोपण के लिये पुन: अस्पताल में भर्ती किया था। शनिवार सात मई को गौरीशंकर के बायें कूल्हे  का भी प्रत्यारोपण कर दिया गया। इसके साथ ही गौरीशंकर आयुष्मान कार्ड से उपचार कराने वाले जिले में एक लाखवें लाभार्थी भी बन गये।

आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रडाली प्रबंधक ईं नवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में आयुष्मान कार्ड धारको की  संख्या 3 लाख 46 हजार 952 है । इनमे एक लाख आयुष्मान कार्ड धारको का 111 करोड़ 91 लाख 78 हजार 339 रूपये का उपचार कर 82 करोड़ 52 लाख 91 हजार 514 रुपए  खर्च का भुगतान भी किया जा चुका है

क्या है आयुष्मान योजना..?

आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी  डॉ .मोइजुद्दीन हाशमी ने बताया कि आयुष्मान योजना कमजोर आय वर्ग के लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराती है। इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होकर आयुष्मान कार्ड धारक परिवार का कोई भी सदस्य छोटी से लेकर बड़ी 1450 बीमारियों के पांच  लाख तक का प्रति वर्ष मुफ्त उपचार करा सकता है। योजना का उद्देश समाज के कमजोर वर्ग के अधिक से अधिक लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना  है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए चार  से 18 मई तक आयुष्मान पखवारा मनाया जा रहा है । पात्र व्यक्ति इसका लाभ उठा सकते है।  

आयुष्मान कार्ड की पात्रता

आयुष्मान योजना की जिला समन्वयक डा. पूजा जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कमजोर वर्ग की तैयार सूची में शामिल परिवार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का पात्र माना गया है । ऐसे पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) प्रदान कर एक तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी प्रदान की जाती है।

आयुष्मान योजना के जिला शिकायत प्रबंधक सागर कुमार ने बताया कि योजना का दायरा बढाते हुए आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत इसमें कमजोर वर्ग के उन परिवारों को भी शामिल किया गया जो सूची में नहीं आ पाए थे। अब योजना का लाभ निर्माण श्रमिकों व कामगारों के परिवारों, अन्त्योदय कार्ड धारकों को प्रदान किया जा रहा है।

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