Home राज्य उत्तर प्रदेश विदेशियों को भा रहा बनारसी गुलाबी मीनाकारी के क्राफ्ट, रक्षाबंधन

विदेशियों को भा रहा बनारसी गुलाबी मीनाकारी के क्राफ्ट, रक्षाबंधन

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वाराणसी। इस रक्षाबंधन पर बनारस की गुलाबी मीनाकारी की धूम सात समंदर पार भी है। विदेशी बाजारों में गुलाबी मीनाकारी की राखियां एक्सपोर्ट की गई हैं। कोविड संकटकाल के बाद भी इन राखियों की डिमांड में तेजी देखी गई है। चायनीज राखी के मुकाबले इन राखियों को विदेशी मार्केट में ज्यादा पसंद किया जा रहा है। खास बात है कि इन हैंड मेड राखियों को सिर्फ राखी की तरह ही नहीं बल्कि गले में पेंडेंट की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

अमेरिका और यूरोप देश से आए कई ऑर्डर

अब से तीन साल पहले तक गुलाबी मीनाकारी की रखियां बहुत कम और सिर्फ व्यक्तिगत ऑर्डर पर बनती थीं। लेकिन इस बार इनकी मांग घरेलू मार्किट के साथ ही विदेशी मार्किट में भी बनी हुई है।

गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पी कुंज बिहारी के अनुसार ‘पहले सिर्फ वो लोग इन राखियों की मांग करते थे जिनको गुलाबी मीनाकारी की वैल्यू पता थी। लेकिन इस बार गुलाबी मीनाकारी की राखी की मांग घरेलू और विदेशी मार्केट में बहुत ज़्यादा बढ़ गयी है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर अमेरिका और यूरोप के कई देशों से ऑनलाइन ऑर्डर आए हैं। लोग इन खूबसूरत राखियों से ही अपना पर्व मनाना चाहते हैं। घरेलू बाज़ार से ही उनको 10 लाख से ज़्यादा का ऑर्डर मिला है।

पीएम जो बाइडन को खास दिया था तोहफा

गुलाबी मीनाकरी बनारस का जीआई टैग प्राप्त उत्पाद है। यह जीआई टैग प्राप्त उत्पाद विश्व भर में अपनी अनोखी पहचान रखता है।इस कला को वाराणसी के कारीगारों ने पुश्‍त दर पुश्‍त सदियों से सहेज रखा है। हाल फिलहाल में जी-7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र के इस अनूठे कारीगर से बने कफ लिंक का तोहफा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को दिया था। बनारस के कारीगरों और हस्तशिल्पियों का कहना है कि इसके बाद गुलाबी मीनाकारी का बाजार और बढ़ा और विदेशों से भी इस तरह के हस्तशिल्प की मांग आने लगी।

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