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वाराणसी : अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के रूप में आयोजित हुआ मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला

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वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर रविवार को जिले के कुल 52 ग्रामीण व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि मेले में महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण देखभाल को लेकर पूरा जोर दिया गया।

इसके साथ ही प्रत्येक स्वास्थ्य इकाईयों पर ‘एक कदम सुरक्षित मातृत्व की ओर’ अभियान के तहत फॉलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम और एलबेंडाजोल की गोली निःशुल्क वितरित की गईं। आरोग्य स्वास्थ्य मेले में 2490 मरीजों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गयी। इसमें 1571 महिलाओं की जांच हुई, जिसमें से 358 की प्रसव पूर्व जांच की गई। इसके साथ ही मरीजों निःशुल्क दवा एवं चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर संचारी रोगों डेंगू, मलेरिया एवं मौसमी बीमारियों के लिए जागरूक किया गया।

सीएमओ ने बताया कि आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्देश्य है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हों। हमारा प्रयास है कि इस मेले से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। कोविड के खतरे को देखते हुए विभाग पूरी तरह से सतर्क है। सभी लोग  सहयोगात्मक व्यवहार करें जिससे जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।

सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए घर व आसपास ज्यादा दिन तक पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे व साफ पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है। साफ-सफाई का जरूर ध्यान रखें। गर्म व ताजा खाना ही खाएं। पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें व स्वच्छ व साफ पानी का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि “हर शनिवार व रविवार मच्छर पर वार” को ध्यान में रखते हुए जमा हुए पानी स्रोतों का विनष्टीकरण जरूर करें। इसके साथ ही कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाना, दो गज दूरी और हाथों को बार-बार सैनिटाइज करना न भूलें।

मेले में 2490 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई जिसमें 660 पुरुषों, 1571 महिलाओं और 259 बच्चों को देखा गया । इन स्वास्थ्य मेलों में आयुष्मान भारत योजना के स्टॉल लगाकर 42 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। इस दौरान कोविड हेल्प डेस्क पर 1224 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गईं, जिसमें 504 व्यक्तियों का एंटीजन किट से कोरोना टेस्ट किया गया जिसमें सभी व्यक्ति निगेटिव पाये गए।

इसके अलावा 91 लोगों की हेपेटाइटिस-बी व सी की जांच हुई, 133 बुखार के, 91 लोगों की मलेरिया जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं, 16 लिवर, 98 श्वसन, 199 उदर, 82 मधुमेह, 290 त्वचा संबन्धित मरीज, 6 टीबी के संभावित लक्षण दिखने वाले व्यक्ति, 59 एनीमिक महिलाएं, 55 हाईपेर्टेंशन, 348 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) एवं 757 अन्य रोगों के मरीज देखे गए। वहीं 14 मरीजों को संदर्भित किया गया।

मेले में एक भी कुपोषित बच्चे चिन्हित नहीं किए गए। 4 मरीजों को चिकित्सीय उपचार के लिए भेजा गया। इसके अलावा 20 मरीजों को आँख की स्क्रीनिंग की गयी जिसमें 5 मरीजों को सर्जरी, 2 मरीजों को जनरल सर्जरी, 1 मरीज की ईएनटी सर्जरी एवं 2 मरीजों को ओब्स एवं गायनी सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया। जिला स्तर पर मेले में 100 मेडिकल ऑफिसर एवं 358 पैरामेडिकल स्टाफ ने कार्य किया।

मेले में मिलीं ये सुविधाएं

मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसव कालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सेवाएं दी गई। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं उन मरीजों को जांच के लिए सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

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