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वाराणसी : EVM मामले को लेकर 8 घण्टे बाद शांत हुआ बवाल, जांच में किसी ईवीएम का चुनाव से संबंध नहीं, सपा ने EVM बदलने का लगाया था आरोप

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 समाप्त हो चुका है ऐसे में अब सिर्फ मतों की गिनती होना बाकी है जो 10 मार्च को होगी। वही हर चुनाव की तरह इस बार भी ईवीएम मशीन को बदलने को लेकर राजनीतिक दल आरोप लगाने का क्रम शुरू हो गया है। इसी क्रम में यूपी के जनपद वाराणसी में भी मंगलवार को समाजवादी पार्टी के ईवीएम बदलने का आरोप लगाया है। जिसकों लेकर जमकर बवाल काटा है। फिलाल 8 घण्टे बाद यह हंगामा शांत हो गए है। फिलहाल अब मतगणना स्थल से लेकर शहर भर में शांति है मतगणना स्थल के साथ शहर के प्रमुख चौराहों पर फोर्स तैनात की गई है।

मामला यह रहा को वाराणसी के पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ईवीएम बदलने का आरोप लगाकर प्रदर्शन करने लगे और प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। लगभग 8 घंटे बाद मंगलवार की भोर 3:30 बजे शांत हुआ। जिन ईवीएम को लेकर सपाई सड़क पर उतरे थे सभी प्रत्याशियों के सामने जांच में वह ट्रेनिंग से संबंधित निकलीं।

प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को ईवीएम चेक करके दिखाते हुए चुनाव से संबंधित पदाधिकारी।

पहड़िया स्थित मतगणना स्थल के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी ईवीएम को लेकर निगरानी के लिए बैठे थे। सपा नेताओं के अनुसार मंगलवार की शाम 5:30 बजे के लगभग स्ट्रांग रूम क्षेत्र से एक-एक कर चार वाहन निकले। इस दौरान एक वाहन बैरियर से टकरा गया तो आवाज सुनकर सभी लोग उस वाहन के पास पहुंचे। जिसमें उन्होंने देखा कि वाहन में ईवीएम मशीनें लदी हुई है। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है ईवीएम मशीनें शहर दक्षिणी विधानसभा की थी, शहर दक्षिणी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. नीलकंठ तिवारी हार रहे हैं। भाजपा नेतृत्व के इशारे पर उन्हें जिताने के लिए प्रशासन ईवीएम बदलवा रहा था।

वहीं इस संदर्भ में जिलानिर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा का कहना था कि वह ईवीएम अलग रखी हुई थी और मतदान कर्मियों की दूसरे राउंड की ट्रेनिंग के लिए उदय प्रताप कॉलेज ले जाई जा रही थी। हालांकि, सपाइयों ने एक न सुनी और हजारों की संख्या में नारेबाजी करते हुए पहड़िया मंडी के सामने वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर जाम लगा दिए थे। इस दौरान वाहनों पर पथराव भी किया गया और गोलगड्‌डा इलाके में भी सपाई सड़क पर उतर आए। सपा का प्रदर्शन देख कांग्रेस, बसपा और सुभासपा के नेता-कार्यकर्ता भी पहड़िया मंडी पहुंच गए थे। रात 3 बजे बरामद ईवीएम की जांच शुरू हुई और स्थिति स्पष्ट हुई तब जाकर 3:30 बजे के लगभग सभी शांत हुए।

प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को ईवीएम चेक करके दिखाते हुए चुनाव से संबंधित पदाधिकारी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन 20 ईवीएम सेट को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहा था उन सभी को कैंडिडेट के सामने जांच करके बक्से सील कराए गए। इसके साथ ही वह ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर से हटा दी गई हैं। जांच में सभी मशीन ट्रेनिंग की निकली। किसी भी मशीन का मुख्य चुनाव से संबंध नहीं पाया गया है। सभी कैंडिडेट और पार्टी पदाधिकारी पहड़िया मंडी से प्रस्थान कर गए हैं। उनके प्रतिनिधि जो शिफ्टवार ईवीएम की निगरानी के लिए बैठे हैं उन सबके लिए पंडाल की व्यवस्था की गई है। शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर मंडी परिसर में सीपीएमएफ, पीएसी और पुलिस के जवान तैनात हैं।

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